थायराइड एक आम लेकिन गंभीर हार्मोनल समस्या है, जो आजकल भारत में तेजी से बढ़ रही है। खासकर महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है। समय पर पहचान और सही इलाज न होने पर थायराइड कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे thyroid symptoms in Hindi, थायराइड के प्रकार, महिलाओं और पुरुषों में लक्षण, कारण, जांच और इलाज।
थायराइड क्या है?
थायराइड हमारे गले में मौजूद एक तितली के आकार की ग्रंथि (Thyroid Gland) होती है। यह ग्रंथि T3 (Triiodothyronine) और T4 (Thyroxine) हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, वजन, ऊर्जा, दिल की धड़कन और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करते हैं।
जब यह हार्मोन कम या ज्यादा बनने लगते हैं, तब थायराइड की बीमारी होती है।
थायराइड कितने प्रकार का होता है?
- हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) – हार्मोन कम बनना
- हाइपरथायराइडिज्म (Hyperthyroidism) – हार्मोन अधिक बनना
हाइपोथायराइडिज्म के लक्षण (Hypothyroidism Symptoms in Hindi)
हाइपोथायराइडिज्म भारत में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला थायराइड रोग है।
शुरुआती लक्षण
- लगातार थकान महसूस होना
- वजन तेजी से बढ़ना
- ठंड ज्यादा लगना
- कब्ज की समस्या
- त्वचा का रूखा होना
- बालों का झड़ना
- याददाश्त कमजोर होना
गंभीर लक्षण
- चेहरे और आंखों में सूजन
- दिल की धड़कन धीमी होना
- डिप्रेशन और चिंता
- आवाज भारी होना
- अनियमित पीरियड्स
हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण (Hyperthyroidism Symptoms in Hindi)
- वजन कम होना
- दिल की धड़कन तेज होना
- अधिक पसीना आना
- हाथों में कंपन
- घबराहट और चिड़चिड़ापन
- नींद न आना
- आंखों का बाहर की ओर उभरना
महिलाओं में थायराइड के लक्षण
- पीरियड्स का अनियमित होना
- गर्भधारण में परेशानी
- बार-बार गर्भपात
- चेहरे पर सूजन
- अत्यधिक कमजोरी
- बालों का अधिक झड़ना
thyroid ke lakshan mahilaon mein अक्सर हार्मोनल असंतुलन से जुड़े होते हैं।
पुरुषों में थायराइड के लक्षण
- थकान और कमजोरी
- वजन में बदलाव
- यौन इच्छा में कमी
- मांसपेशियों में दर्द
- एकाग्रता में कमी
बच्चों में थायराइड के लक्षण
- शारीरिक विकास में रुकावट
- पढ़ाई में ध्यान न लगना
- वजन असामान्य होना
- बार-बार बीमार पड़ना
थायराइड होने के कारण
- आयोडीन की कमी
- ऑटोइम्यून रोग
- आनुवंशिक कारण
- ज्यादा तनाव
- गर्भावस्था
- कुछ दवाओं का सेवन
थायराइड की जांच कैसे होती है?
- TSH Test
- T3 Test
- T4 Test
TSH का बढ़ना हाइपोथायराइड और TSH का कम होना हाइपरथायराइड की ओर संकेत करता है।
थायराइड का इलाज और कंट्रोल कैसे करें?
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित लें
- दवा कभी भी खुद से बंद न करें
- हर 3–6 महीने में TSH टेस्ट कराएं
- तनाव कम करें
- नियमित व्यायाम करें
थायराइड में क्या खाएं और क्या न खाएं?
क्या खाएं
- आयोडीन युक्त नमक
- हरी सब्जियां
- फल
- दालें
- अखरोट और बादाम
क्या न खाएं
- ज्यादा तला-भुना भोजन
- प्रोसेस्ड फूड
- ज्यादा सोया उत्पाद
- अत्यधिक कैफीन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
थायराइड के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
थकान, वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना और ठंड या गर्मी ज्यादा लगना।
क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?
अधिकतर मामलों में यह पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन सही इलाज से कंट्रोल में रहता है।
थायराइड किस उम्र में होता है?
यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 20–40 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है।
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। किसी भी दवा या इलाज को शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
References
- WHO – Thyroid Disorders
- ICMR Guidelines
- Harrison’s Principles of Internal Medicine


